चमोली ( प्रदीप लखेड़ा ) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों एवं पुलिस मुख्यालय देहरादून के आदेशानुसार सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत एवं किसी भी अवांछित गतिविधि पर रोक लगाने के उद्देश्य से बाहरी व्यक्तियों व व्यापारियों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाए। इसी क्रम में जनपद चमोली में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशानुसार वर्तमान में संचालित हो रहे विभिन्न मेलों में सुरक्षा की दृष्टि से बाहरी व्यक्तियों की पहचान सत्यापित करना व किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के दृष्टिगत बृह्द सत्यापन अभियान चलाने हेतु संबंधितो को निर्देशित किया गया। गौचर मेले में निरंतर जागरूकता अभियान चलाने और बार-बार अपील करने के बावजूद भी कुछ व्यापारियों द्वारा सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही बरती जा रही थी। सुरक्षा को लेकर इस उदासीनता को देखते हुए पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट के पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कर्णप्रयाग राकेश भट्ट के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस एवं अभिसूचना इकाई चमोली की संयुक्त टीमों ने मेला क्षेत्र में व्यापक सत्यापन चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस टीमों ने बाहरी व्यापारियों व व्यक्तियों से पहचान पत्र, दस्तावेज, पंजीकरण विवरण तथा गतिविधियों की गहन जांच की। अभियान के दौरान में सत्यापन न कराने वाले 20 व्यक्तियों के विरुद्ध चालानी कार्यवाही गई, जबकि पुलिस द्वारा अब तक 800 से अधिक बाहरी व्यक्तियों एवं व्यापारियों का सत्यापन किया जा चुका है तथा सत्यापन की प्रक्रिया आगे भी निरंतर गतिमान रहेगी। एसपी चमोली ने चौकी प्रभारी गौचर को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर अवैध गतिविधियों पर तत्काल वैधानिक कार्यवाही करें तथा सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। एसपी चमोली ने कहा “गौचर मेला हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और इसकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता। असामाजिक तत्वों, अपराधियों और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। चमोली पुलिस पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही है और किसी भी स्थिति में कानून व व्यवस्था के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।” पुलिस ने स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराएँ, ताकि सुरक्षित, अनुशासित एवं शांतिपूर्ण मेला वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

देहरादून:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के दोनों मंडलों  में एक-एक स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना (रोडमैप) शीघ्र तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड को  वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ तीर्थ स्थलों एवं उनके आस-पास के क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाए। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, वहीं राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसी वित्तीय वर्ष में इस योजना पर कार्य धरातल पर प्रारंभ किया जाए।इसके  तहत योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, स्थानीय हस्तशिल्प, पर्वतीय उत्पादों और सांस्कृतिक आयोजनों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से राज्य का पर्यटन परिदृश्य और समृद्ध होगा तथा उत्तराखंड की पहचान ‘आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में और मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने बैठक में शीतकालीन यात्रा   व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की शीतकालीन स्थलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करते हुए, वहां की यात्रा, आवास, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए ताकि अधिक से अधिक पर्यटक राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता का अनुभव कर सकें। शीतकालीन यात्रा स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक व आधुनिक माध्यमों के जरिए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य राज्य में  पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार लाना तथा राज्य के प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों को सहेजते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए ठोस कार्यनीति तैयार की जाए और समयबद्ध रूप से प्रत्येक चरण की मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी जुड़े थे।
बैठक में बद्री- केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, धीराज सिंह गर्ब्याल, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा,अपर सचिव  अभिषेक रोहिला एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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