नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से गुरुवार तक जारी है। अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ गई है और इस वजह से गुरुवार को उन्हें प्रदर्शनस्थल से हटना पड़ा। दीपके ने प्रदर्शनकारियों से माफी मांगते हुए कुछ घंटों के लिए आराम की बात कही। दीपके ने बताया कि उन्हें बुखार है और शरीर में बहुत ज्यादा दर्द भी। इससे पहले दीपके को मंगलवार रात उल्टी करते हुए भी देखा गया था। मंच पर उन्हें एक बार चक्कर भी आ गया था।
सोनम वांगचुक ने बुधवार शाम गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से एक वीडियो मैसेज जारी किया। सोनम ने कहा- अनशन को 25 दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक जिंदा हूं। कुछ सांसद मुझसे मिलने आए, उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘मुझे अगर सरकार की तरफ से भरोसा मिले तो मै आज ही अनशन खत्म करने को तैयार हूं। बस सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करे। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल रहे वांगचुक को 18 जुलाई को जंतर-मंतर से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। मंगलवार को कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें मेदांता हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है। यहीं उनका इलाज चल रहा है।
इससे पहले 15 विपक्षी सांसद उनसे मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। 55 विपक्षी सांसदों ने वांगचुक को पत्र लिखकर अनशन खत्म करने की अपील की है। इनमें आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल , समाजवादी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद शामिल हैं। प्रदर्शन कर रहे युवा लगातार अपनी मांगों पर अडे़ हुए है सीजेपी समर्थकों ने संसद में चल रहे सत्र के दौरान वहां जाने का प्रयास किया लेकिन वह वहां तक नहीं पहुंच पाएं बीच में ही उन्हें पुलिस फोर्स ने बैरिकैडिंग लगाकर रोक लिया जहां सीजेपी समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शन के दौरान अब तक कई युवा गंभीर रूप से घायल व कई युवाओं की जान जा चुकी है। प्रदर्शन में अब तक कई पार्टी के नेता भी शामिल हुए। लगातार जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में भीड़ बढ़ रही हैं। देश के विभिन्न-विभिन्न राज्यों से युवा इकट्ठा हो रहे है। प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने छात्रों पर कई बार लाठी चार्ज भी किया, जिसमें कई छात्र घायल हए है।
वहीं, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चमत्कार टाइम्स से बातचीत के दौरान बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सभी छात्रों पर बर्बरता से लाठी बरसाईं है प्रदर्शन में कईं छात्राएं भी शामिल थी उस दौरान पुलिसकर्मियों ने छात्राओं पर भी बर्बरता से लाठियां बरसाई है वहीं पुरूष पुलिसकर्मियों ने भी छात्राओं के प्राइवेट पार्ट पर लाठी मारी है। उन्होंने बताया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने लाठी में कीले लगाई हुई थी जिसमें कई युवाओं को कीले भी लगी हुई है। छात्रों का आरोप है कि सभी पुलिसकर्मियों ने अपनी नेमप्लेट हटा रखी थी और उसके साथ ही लाठी मारने कई लोग ऐसे शामिल थे जिन्होंने पुलिस की वर्दी नहीं पहनी थी और वह भी युवाओं पर लाठी बरसा रहे थे। उनका कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी हम लगातार धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए जंतर-मंतर पर कई संस्था सेवा करने में लगी हुई है जिसमें पुलिसकर्मी उन्हें भी परेशान कर रहे है। प्रदर्शन में कई बच्चों के माता-पिता और कई युवाओं को पूरा परिवार शामिल है। नीट परीक्षा विवाद को लेकर सड़कों पर उतरे युवाओं की गूंज ने पूरे देशभर की सियासत को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। पुलिस प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बड़े पैमाने पर झड़प भी देखने को मिला। बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों के सामने पिछले 24 घंटों में चार बार बातचीत का प्रस्ताव भी रखा है। दिल्ली से जन्मा यह विरोध प्रदर्शन अब धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता जा रहा है। ऐसे में देखने वाली बात यह है कि अब ये विरोध प्रदर्शन कहां जाकर थमता है।

ये हैं मांगे
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को या तो कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए या वे खुद अपने पद से इस्तीफा दें।
आर्थिक मुआवजा: नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों में जिन छात्रों ने कथित तौर पर आत्महत्या की है, उनके परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।
छात्रों की रिहाई: आंदोलन में शामिल पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई सुनिश्चित की जाए।
दर्ज FIR वापस लेना: प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेवजह दर्ज की गई सभी FIRs वापस ली जाएं और सरकार भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने की गारंटी दे।