सी.एम हेल्पलाईन के मामलों तथा मुख्यमंत्री की धोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के तहत पूर्ण करेंःडॉ. तृप्ति बहुगुणा

अस्पतालों, स्वास्थ्य ईकाईयों एवं जिला मुख्यालय पर अनुपस्थिति चिकित्सकों एवं अन्य सभी श्रेणी के पैरामेडिकल स्टॉफ का
ब्यौरा स्वास्थ्य महानिदेशालय को अविलम्ब प्रस्तुत करें, अनधिकृत अधिकारी एवं कर्मचारी दण्डित किए जाएगें।
देहरादून।राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने समस्त जनपदों के सीएमओ, प्रमुख एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की। दो दिनों तक स्वास्थ्य महानिदेशालय के परिचर्चा सभागार में कुमाऊं एवं गढ़वाल मण्डल के अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक कर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के अनुपस्थित रहने के मामले को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि सभी सीएमओ, पीएमएस तथा सीएमएस सुनिश्चित करें कि सभी अधिकारी, चिकित्सक एवं अन्य स्टॉफ अपने कार्यस्थल एवं अस्पताल में समय पर उपस्थित रहे। महानिदेशक ने निर्देश दिए कि यदि कोई भी चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टॉफ अनधिकृत तौर पर अनुपस्थित है तो उसके विरूद्ध कठोर डण्डात्मक कारवाई अमल में लाई जाए। उन्होने कहा कि सभी श्रेणी के अनुपस्थित
अधिकारियों/कार्मिकों का अविलम्ब विवरण महानिदेशालय को प्रस्तुत करें ताकि शासन को अवगत कराते हुए दण्डात्मक कारवाई की जा सके। डॉ तृप्ति बहुगुणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाईन पर स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए तथा लम्बित मामलों के बारे में महानिदेशालय को शीध्र सूचना उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर सीएम की घोषणाओं को समय से पूर्ण करने के विस्तृत निर्देश भी दिए गए। समीक्षा में स्वास्थ्य सेवाओं के अन्तर्गत तैनात सभी श्रेणी के कार्मिकों का विवरण भी मांगा गया तथा आईपीएचएस मानक अनुसार वास्तविक स्टॉफ पोजिशन की जानकारी एवं रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही के बारे में विवरण भी प्राप्त किया गया। महानिदेशक ने निर्देश दिए कि पदोन्नति उपरान्त कार्मिकों के कार्यभार ग्रहण न करने अथवा प्रमोशन फॉरगो करने के मामलों की जानकारी महानिदेशालय को भेजी जाए और समस्त कार्मिकों की समय पर एसीआर लिखने को सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान राज्य में क्लीनिकिल इस्टैब्लिशमैंट एक्ट का पालन, अस्पतालों में कूडा निपटान तथा बॉयोमेडिकिल वैस्ट के निस्तारण की प्रगति के बारे में जानकारी ली गयी। महानिदेशक ने विशेष तौर पर जन-औशधि केन्द्रों की समीक्षा की जिसमें प्रत्येक अस्पताल परिसर में जन-औषधि केन्द्र खोले जाने एवं निजी/इच्छुक व्यक्तियों को इन केन्द्रों के लिए अस्पताल परिसर में स्थान उपलब्ध कराए जाने के निर्देश भी दिए गए। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री जन-औषधि योजना के तहत बड़े अस्पतालों के परिसर में जन-औषधि केन्द्र खोले जाने के निर्देश भारत सरकार की ओर से दिए गए हैं तथा इच्छुक निजी व्यक्तियों/संस्था को जन-औशधि केन्द्र खोले जाने के लिए विषेश सुविधाएं प्रदान कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जन-औशधि केन्द्रों पर मिलने वाली दवाईयां सस्ती एवं गुणात्मक रूप से मरीजों के लिए उपयोगी हो रही हैं।
बैठक में आत्म निर्भर भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के विकास एवं विस्तार के लिए प्रस्ताव राज्यस्तर को प्रेशित करने के
निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न निर्माण कार्यों एवं नए अस्पताल/स्वास्थ्य केन्द्र से संबंधित निर्माण की प्रगति की समीक्षा भी की गयी। महानिदेशक ने कहा कि सभी अस्पतालों में एन्टी-रेबीज वैक्सीन हर समय उपलब्ध होनी चाहिए तथा औषधियों की कमी कतई नहीं होनी चाहिए। निर्देश दिए गए कि चिकित्सा उपकरणों की आवश्यकतानुसार खरीद करने अथवा राज्यस्तर को समय पर मांग भेजना सुनिश्चित करें। समीक्षा में वित्त निदेशक कविता नबियाल ने सभी जिलों से कहा कि वह आगामी वित्तीय वर्श 2022-23 के लिए आवश्यकतानुसार बजट की मांग तैयार कर समय से उपलब्ध कराएं और चालू वित्तीय वर्ष के लिए जारी बजट का शत-प्रतिशत एवं नियमानुसार पूर्ण उपयोग कर लें। बैठक में एनएचएम के माध्यम से संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गयी और निर्देश दिए गए कि सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों का महत्म लाभ आमजन तक पहुचाने का कार्य समय पर पूर्ण कर लिया जाए।
दो दिवसीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य निदेशक डॉ शैलजा भट्ट, निदेशक प्रशासन डॉ विनीता शाह, निदेशक गढ़वाल मण्डल डॉ
भारती राणा, प्रभारी निदेशक डॉ सुमन आर्य, महानिदेशालय में तैनात समस्त अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक एवं विभिन्न योजनाओं के
राज्य नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

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