एक्शन कैंसर अस्पताल ने उत्तराखंड में कैंसर के आंकड़ों पर जताई चिंता, किया जागरुक

-हरिद्वार में एक्शन कैंसर अस्पताल ने साझा किया आधुनिक इलाज व प्रोसीजर का महत्त्व
-कैंसर का जल्द डायग्नोसिस बेहद जरूरी, जल्द ठीक होने में अहम योगदान
हरिद्वार। कैंसर से रोगी पूरी तरह ठीक हो सकता है, और इसके अत्याधुनिक इलाज भी उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद देश में कैंसर के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। बीते कुछ वर्षों के एक अध्ययन में पाया गया था कि उत्तराखंड में कैंसर के केसेज राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा थे। इसके अलावा एक अन्य अध्ययन के अनुसार देश में साल 2025 तक कैंसर केसेज 12 फीसदी तक बढ़ जाने की आशंका है। जहां एक ओर देर से डायग्नोसिस करवाने की समस्या पहले से है वहीँ जागरुकता की कमी, आर्थिक अक्षमता, कैंसर से जुड़ी सामाजिक वर्जनाएं भी चिंताजनक हैं। इन सभी विषयों को ध्यान में रखते हुए, जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हाल ही में एक्शन कैंसर अस्पताल ने 20 नवम्बर, 2021 को हरिद्वार में एक इंटरैक्टिव साइंटिफिक सेशन का आयोजन किया। एक्शन एक्शन अस्पताल ने यह आयोजन रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम कनखल हरिद्वार के सहयोग से उनके परिसर में किया। कार्यक्रम में हरिद्वार व आस पास के क्षेत्रों से आने वाले डॉक्टरों के साथ डॉक्टर मनीष पाण्डेय ने “कैंसर मैनेजमेंट में मरीज व अटेंडेंट्स की भूमिका” के विषय पर विचार व अनुभव साझा किये। डॉक्टर मनीष पाण्डेय, सीनियर कंसल्टेंट, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, एक्शन कैंसर अस्पताल ने कहा,”हालाँकि कैंसर के मामलों में अस्वस्थ जीवनशैली केसेज की गंभीरता को बढ़ा देतीं है, लेकिन इसके साथ ही कैंसर से जुड़ी सामाजिक वर्जनायें स्थिति को बिगाड़ देतीं हैं। खासकर स्त्रियों को होने वाले कैंसर की बात करें तो एक अध्ययन के अनुसार हमारे देश में हर 8 मिनट में एक महिला ब्रैस्ट कैंसर के कारण दम तोड़ देती है। हमें कैंसर से जुड़ी अनावश्यक शर्मिंदगी और सामाजिक वर्जनाओं को खत्म करना चाहिए और हरेक कैंसर के मरीज की ठीक होने में मदद करनी चाहिए। परिवार व अटेंडेंट्स मरीज के ठीक होने में बहुत अहम भूमिका अदा करते हैं। उन्हें मरीज के आस-पास सकारात्मक माहौल बनाकर डॉक्टर की भी मदद करनी चाहिए। इसके साथ ही मरीज की दृढ इच्छाशक्ति की भी अहम भूमिका होती हैं जो उसे ठीक होने में मदद करती है।

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